कल रात मैंने “काली किताब” (Karungaapiyam) देखी और सच बताऊँ तो इसका कॉन्सेप्ट काफी अलग लगा। एक ऐसी किताब जिसकी कहानियाँ सिर्फ कहानी नहीं बल्कि हकीकत बन जाती हैं — यह आइडिया सुनने में काफी दिलचस्प है।
आज हम बात करेंगे Karungaapiyam के बारे में, जिसे Deekay ने डायरेक्ट किया है। फिल्म में काजल अग्गरवाल , रेजीना Cassandra, जननी Iyer, रैज़ा विल्सन और योगी बाबू जैसे कलाकार नजर आते हैं।अगर आपको हॉरर, मिस्ट्री और सस्पेंस से भरी एंथोलॉजी फिल्में पसंद हैं, तो यह रिव्यू आपके लिए है।
Movie Story / Plot
फिल्म की कहानी एक लड़की उमायाल से शुरू होती है, जो लॉकडाउन के दौरान अपने दोस्त के भाई की प्राइवेट लाइब्रेरी में जाती है। वहाँ उसे एक पुरानी और रहस्यमयी किताब मिलती है — “करुंगापियम”।
जब वह उस किताब को पढ़ना शुरू करती है, तो उसमें लिखी कहानियाँ बेहद डरावनी और अजीब होती हैं। हैरानी की बात यह है कि किताब की हर कहानी किसी न किसी तरह असल जिंदगी से जुड़ी हुई लगती है।
फिल्म में कुल पांच अलग-अलग हॉरर कहानियाँ दिखाई जाती हैं —किसी में श्राप देने वाली महिला है, कहीं एक सीरियल किलर महिला, कहीं भूतों से घिरी रात, तो कहीं एलियंस और रहस्यमयी घटनाएँ।
जैसे-जैसे उमायाल किताब पढ़ती जाती है, उसे महसूस होने लगता है कि इन कहानियों का उससे कोई गहरा संबंध है। और फिल्म का असली रहस्य तब सामने आता है जब उसे पता चलता है कि इस किताब का लेखक कोई और नहीं बल्कि वह खुद ही हो सकती है।यही ट्विस्ट फिल्म को अंत तक रहस्यमयी बनाए रखता है।
Performance & Direction
फिल्म में काजल अग्रवाल का किरदार छोटा होते हुए भी कहानी का सबसे अहम हिस्सा बन जाता है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और भावनात्मक सीन काफी प्रभावशाली हैं।
रेजिना कैसेंड्रा ने उमायाल के किरदार में अच्छा काम किया है। उनका डर, जिज्ञासा और रहस्य को लेकर बढ़ती बेचैनी अच्छी तरह दिखती है।बाकी कलाकारों में जननी अय्यर और रायजा विल्सन अपनी-अपनी कहानियों में ठीक-ठाक प्रदर्शन देती हैं।
कॉमेडियन योगी बाबू का छोटा रोल भी थोड़ा हल्का-फुल्का मनोरंजन देता है।
डायरेक्टर Deekay का कॉन्सेप्ट काफी क्रिएटिव है। एक हॉरर एंथोलॉजी को एक ही किताब के जरिए जोड़ना अच्छा आइडिया है।
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और डार्क विजुअल्स माहौल को डरावना बनाने की कोशिश करते हैं। हालांकि फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी असमान कहानी और कमजोर स्क्रीनप्ले है।
कुछ कहानियाँ दिलचस्प लगती हैं, लेकिन कुछ पूरी तरह कन्फ्यूजिंग और कमजोर भी लगती हैं।बैकग्राउंड म्यूजिक ठीक है, लेकिन कई जगह हॉरर का प्रभाव उतना मजबूत नहीं बन पाता।
⭐ Movie Highlights
• अलग और यूनिक हॉरर एंथोलॉजी कॉन्सेप्ट
• कई अलग-अलग डरावनी कहानियाँ
• डार्क और रहस्यमयी माहौल
• क्लाइमेक्स में दिलचस्प ट्विस्ट
Who Should Watch This Movie
अगर आपको ये चीजें पसंद हैं: Horror Anthology Movies supernatural Mystery Dark Fantasy Storiesतो यह फिल्म आपको एक बार देखने लायक लग सकती है।
Final Verdict & Rating
कुल मिलाकर Karungaapiyam (काली किताब) एक अच्छे कॉन्सेप्ट वाली लेकिन कमजोर निष्पादन वाली हॉरर फिल्म है।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी का आइडिया और एंथोलॉजी स्टाइल है, लेकिन कई जगह इसकी स्क्रिप्ट उतनी मजबूत नहीं लगती। कुछ कहानियाँ आपको दिलचस्प लग सकती हैं, जबकि कुछ बिल्कुल साधारण महसूस होती हैं।क्ला
इमेक्स में जो ट्विस्ट आता है वह फिल्म को थोड़ा बेहतर बना देता है।अगर आप हॉरर और मिस्ट्री फिल्मों के शौकीन हैं, तो यह फिल्म आपको कुछ अलग अनुभव दे सकती है। लेकिन अगर आप बहुत ज्यादा डरावनी या हाई-क्वालिटी हॉरर फिल्म की उम्मीद कर रहे हैं, तो शायद यह आपको पूरी तरह संतुष्ट न करे।
⭐ Rating: 2.5 / 5
Conclusion
तो दोस्तों, यह था Karungaapiyam (काली किताब) Movie Review।अब सवाल यह है —👉 क्या आप यह हॉरर फिल्म देखने वाले हैं?अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। और ऐसी ही नई-नई Movie Reviews पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर जॉइन करें। 🎬📱
Join Our WhatsApp Channel 👉https://whatsapp.com/channel/0029VbAUVqe7DAX5jUMlXm1j





